बच्चों में सिरदर्द को सामान्य समझने की गलती न करें

Md Danish Ansari
3 minute read
0

हाल के कुछ शोधों से पता चला है कि स्कूल जाने वाली उम्र के लगभग 75 प्रतिशत बच्चों को कभी न कभी सिरदर्द का अनुभव होता ही है। उनमें से भी 10 प्रतिशत नियमित और पुरानी स्थिति से पीड़ित होते हैं। बच्चों में सिरदर्द दो प्रकार के हो सकते हैं: एक तो प्राथमिक सिरदर्द विकार, जिसके अंतर्गत पुरानी दैनिक सिरदर्द, माइग्रेन, तनाव से सिरदर्द, क्लस्टर सिरदर्द, पैरॉक्सिमल हेमिक्रानिया, जो कि आंतरिक प्रक्रियाओं, और अन्य ट्राइजेमिनल के कारण होता है ऑटोनोमिक सेफालिज़्म और वही दूसरी तरफ सिरदर्द विकार, जो किसी बीमारी के लक्षण के रूप में उत्पन्न हो सकते है।
दुनिया भर में लगभग 58.4% स्कूल जाने वाले बच्चे प्राथमिक सिरदर्द के विभिन्न रूपों के शिकार होते है। बच्चों में सिरदर्द के सामान्य कारणों में दूसरे बच्चों का दबाव, पढ़ाई का दबाव या खराब प्रदर्शन और अन्य गतिविधियों को कम करना आदि कारण हो सकते है। प्राथमिक सिरदर्द को मेडिकल हिस्ट्री और शारीरिक जाँच और सावधानीपूर्वक अध्ययन द्वारा ठीक किया जा सकता है। वहीं दूसरे तरह के सिरदर्दों को दवाईयों और उपचारों द्वारा हमेशा के लिए ठीक किया जा सकता है। वही बच्चों में सबसे ज्यादा सिरदर्द के कारणों को समझने में दिक्कत होती हैं। माता-पिता को कभी-कभी समस्या की गंभीरता का पता लगाना मुश्किल हो जाता है क्योंकि बच्चे अक्सर अपनी शिकायत को बताने समझने में असमर्थ होते है। सिरदर्द का अनुभव करने वाले बच्चे अक्सर तेज़ गुस्सेल, चिड़चिड़े और हिंसक होते हैं। साथ ही, बच्चे विभिन्न लक्षणों के साथ विभिन्न प्रकार के सिरदर्द से पीड़ित होते हैं।

माइग्रेन
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, माइग्रेन सबसे अधिक प्रचलित बीमारियों में से एक है। इसके लक्षण सामान्यतः कुछ यूँ है-
  1. सिर में तेज दर्द जो बच्चों में थकावट और चिड़चिड़पान पैदा कर सकता है।
  2. मतली और उल्टी होती है।
  3. पेट में ऐंठन होती है।
  4. ध्वनि और प्रकाश के प्रति तीव्र संवेदनशीलता बढ़ जाती है।

तनाव से सिरदर्द

जवान लोगो के मुकाबले ये बच्चों और किशोरों में ये दर्द अधिक आम बात हैं। अक्सर तनाव और थकान के कारण सिर और गर्दन के टिशूज में सामान्य रक्त प्रवाह में रुकावट उत्पन्न होता है, जिससे सिरदर्द होता है। इनके लक्षणों की बात करें, तो 
  1. माथे के दोनों तरफ दर्द होना।
  2. सिर और गर्दन के आसपास की मांसपेशियों में दर्द होना।
  3. बुखार या ब्लड प्रेशर का हाई हो जाना। 

क्लस्टर सिर दर्द

क्लस्टर सिरदर्द एक दिन या एक सप्ताह तक में पांच या उससे ज्यादा बार हो सकता है। यह सिरदर्द हर बार कम से कम 15 मिनट से लेकर 3 घंटे तक हो सकता है।
  1. माथे के एक तरफ दर्दनाक दर्द होना।
  2. नाक में दर्द या खून आ जाना।
  3. आंखों में पानी आना।
  4. स्वभाव में झल्लाहट और बात-बात पर गुस्सा हो जाना।

बच्चों में सिरदर्द के कुछ अन्य मुख्य कारण ये हो सकते है-

  1. मौसमी फ्लू और वायरल इंफेक्शन के कारण 
  2. लगातार साइनस संक्रमण के कारण
  3. तनाव और थकान से के कारण
  4. नींद न आने के कारण
  5. अत्यधिक शारीरिक थकान के कारण
  6. लंबे समय तक पढ़ने के कारण
  7. लंबे समय तक टीवी देखने और वीडियो गेम खेलने के कारण 
  8. आई स्ट्रेन और सिर में चोट लगने के कारण
  9. ट्यूमर के कारण
  10. भावनात्मक तनाव, जैसे पीयर प्रेशर और प्रफोमेंस प्रेशर के कारण
  11. ब्रेन में होने वाले इंफेक्शन जैसे मैनिंजाइटिस और एन्सेफलाइटिस के कारण
  12. नाइट्रेट या एमएसजी से फूड एलर्जी के कारण

बच्चों को सिरदर्द से बचाने के उपाय

बच्चों के सिरदर्द में डॉक्टर की मदद लेना बहुत जरूरी हो जाता है। आज कल ज्यादातर लोग एनाल्जेसिक और पेरासिटामोल का इस्तेमाल करते हैं। यह हानिकारक हो सकता है क्योंकि इन दवाओं के ज्यादा प्रयोग से सिरदर्द कम होने के बजाए और बढ़ सकता है। आपको बच्चों के संतुलित आहार और बाहरी गतिविधियों का खास ख्याल रखना चाहिए। सिरदर्द के कारणों को जानने और उससे बचने के लिए हर बार बच्चों के दर्द पर ध्यान दें। इसके साथ ही खाने-पीने में बिलकुल कोई कमी न करें। बच्चे को स्ट्रेस न दें और उससे हर बात खुल कर करें।
Tags

Post a Comment

0Comments

Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!